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राज्य

जल संरक्षण को मिलेगी कानूनी ढाल: पानी बर्बाद करने वालों पर चलेगा शिकंजा, विशेष बिल तैयार

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चंडीगढ़
सूबे में पानी के दुरुपयोग और बर्बादी करने वालों पर आने वाले वक्त में शिकंजा कसा जाएगा।  हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विशेष बिल लाने की तैयारी है, जिसका ड्राफ्ट तैयार हो गया है। विभाग के मंत्री ने साफ कर दिया है कि पानी का दुरुपयोग, बर्बादी व कमर्शियल इस्तेमाल चोरी छिपे करने वालों विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि विधेयक में भारी जुर्माने के साथ साथ सजा तक का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के इस तरह के रवैये के कारण बाकी लोगों को दिक्कत उठानी होती है। मंत्री ने कहा है कि शहरी क्षेत्र में पानी की दिक्कत नहीं है, बल्कि कुछ ग्रामीण इलाकों से हमें इस तरह की शिकायत मिली है, लेकिन उसके तकनीकी कारण भी हैं, क्योंकि इस बार भारी बारिश, जलभराव के कारण कईं तरह की चुनौतियां आन खड़ी हुई हैं। उसके बावजूद भी अधिकारियों को साफ साफ निर्देश हैं कि नियमित कार्यों के लिए ग्रामीण एरिया में भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

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हरियाणा में पेयजल बर्बादी रोकने को लेकर जहां सूबे की नायब सैनी सरकार दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र में नया बिल लेकर आएगी। जिसमें कड़ी सजा, मोटे जुरमाने जैसे प्रावधान रखे जा रहे हैं। इसके अलावा पानी के इस्तेमाल को लेकर मीटर लगाए जाने के साथ ही बिलों का बकाया समय से जमा हो इसके भी ठोस प्रबंधन किए जा रहे हैं।

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मंत्री ने साफ कर दिया है कि पेयजल की बर्बादी करने और समय से बिल नहीं जमा करने वालों पर  शिकंजा कसा जाएगा। इस क्रम में लीगल एक्सपर्ट की सलाह लेकर बिजली चोरी की तर्ज पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने विधेयक का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए कानून बनाने से आला अफसरों को उम्मीद है कि लोगों की पानी  बर्बाद करने की आदतों पर अंकुश लगेगा।

अवैध कट पर भी कार्रवाई 
पेयजल लाइन में अवैध कटों पर भी कार्रवाई का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा कि पानी के बिलों की शहरों में 60 से 65 फीसदी रिकवरी है, लेकिन गांवों में यह 5 से 7 फीसदी ही है। ऐसे में विभाग पेयजल सप्लाई के मीटर लगाए जाने के  विकल्प पर भी काम कर रहा है। गंगवा ने कहा कि महाग्राम योजना में 10 हजार से अधिक आबादी वाले 148 गांव चिह्नित किए हैं। 17 में पेयजल, सीवरेज और एसटीपी की व्यवस्था पूरी की जा चुकी है जबकि 30 में कार्य प्रगति पर है। दो साल में इन सभी 148 गांवों में शहरों की  तर्ज पर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। यहां पर बता दें कि गुरुग्राम नगर निगम ने नई दरें तय कर अधिसूचना भी पूर्व में जारी कर दी गई है।   बाकी नगर निगमों में भी तैयारी हो रही है। अब घरेलू उपभोक्ताओं को पहले से दोगुना भुगतान करना होगा। एक से 20 किलोलीटर पानी की खपत पर दर 3.19 से बढ़ाकर 6.38 रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई है। 20 से 40 किलो लीटर तक की खपत पर अब 10.21 रुपये प्रति किलोलीटर देना होगा, जो पहले की तुलना में लगभग 60% की बढ़ोतरी है।

40 किलोलीटर से अधिक पानी उपयोग करने वालों को 12.76 प्रति किलोलीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा। सरकार ने नगर निगमों के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए नई पेयजल और सीवरेज दरें लागू करने का निर्णय लिया है। यहां पर यह  भी उल्लेखनीय है कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत, पानीपत कई जिलों में एक नवंबर से बिलों में बढ़ोतरी हो गई है। बताया जा रहा है कि खर्चों की भरपाई और नई पेयजल और सीवरेज लाइन बिछाने के क्रम में यह कदम उठाया जा रहा है।  नई पेयजल तथा सीवरेज लाइन बिछाने में खर्च की गई रकम की भरपाई के लिए नया रास्ता निकाला है। गुरुग्राम, फरीदाबाद तथा सोनीपत और पानीपत सहित कई जिलों में नवंबर से पानी के बिलों में डबल बढ़ोतरी होने जा रही है।

 

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