शैलेंद्र कुमार सह संपादक की रिपोर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को लेकर आज सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के जशपुर जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान शिक्षा सचिव ने फेडरेशन को आश्वस्त किया कि सहायक शिक्षकों की मांगों पर विभाग ने गंभीरतापूर्वक विचार किया है। जिलों से विस्तृत जानकारी मांगी है, ताकि राज्यभर में कार्यरत सहायक शिक्षकों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन जशपुर जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता की शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी से मुलाकात के दौरान रायपुर के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष हेमकुमार साहू, जशपुर जिला सचिव उत्तम पैंकरा और फरसाबहार ब्लॉक अध्यक्ष नरेश यादव भी मौजूद थे। अजय गुप्ता ने सचिव के समक्ष सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति से जुड़े हर पहलू को विस्तारपूर्वक रखा। उन्होंने बताया कि हजारों सहायक शिक्षक वर्षों से अपने वेतनमान की समानता की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी ने मुलाकात के दौरान बताया कि 25 सितंबर को फेडरेशन की तरफ से जो मांग पत्र रखा गया था, उसके बाद विभाग ने पहल शुरू की है। इस संबंध में एक कमेटी गठित करने और जिलों से रिपोर्ट मंगाने के निर्देश जारी की कार्यवाही की जाएगी।
अजय गुप्ता ने सचिव को बताया कि वर्तमान में लगभग 1 लाख सहायक शिक्षक प्रदेश में कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 70 प्रतिशत शिक्षक प्रमोशन पाकर प्रधान पाठक या उच्च श्रेणी शिक्षक (UDT) बन चुके हैं। अब केवल 30 से 35 हजार सहायक शिक्षक ही ऐसे हैं जिनकी वेतन विसंगति का समाधान होना बाकी है।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इन बचे हुए शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने से विभाग पर कोई बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे शिक्षकों में उत्साह और कार्यक्षमता दोनों में वृद्धि होगी।
गुप्ता ने सुझाव दिया कि इस मुद्दे पर जल्द एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल (Delegation) गठित किया जाए, जिसमें शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारी भी शामिल हों। यह प्रतिनिधिमंडल औपचारिक रूप से वेतन विसंगति दूर करने का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को सौंपेगा, ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी ने शिक्षक प्रतिनिधियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि विभाग इस विषय पर संवेदनशील और सकारात्मक रुख अपनाए हुए है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बहुत जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे और वेतन विसंगति को दूर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मुलाकात के दौरान अजय गुप्ता ने एक और महत्वपूर्ण मांग रखी — दिवाली से पहले शिक्षकों का वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कई जिलों में नियमित वेतन भुगतान में विलंब से शिक्षकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।इस पर शिक्षा सचिव ने कहा कि दिवाली छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा त्योहार है और विभाग इस मुद्दे को प्राथमिकता देगा। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग से समय पूर्व वेतन भुगतान के लिए अनुरोध किया जाएगा, ताकि शिक्षकों को त्योहार से पहले राहत मिल सके।