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चेक बाउंस मामले में रेलवे कर्मचारी जेल भेजा गया, कोर्ट को गुमराह करने और बार-बार अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई

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चेक बाउंस मामले में रेलवे कर्मचारी जेल भेजा गया, कोर्ट को गुमराह करने और बार-बार अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई

न्यायालय ने कहा – अभियुक्त लगातार न्यायालयीन प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहा था, अंतिम बहस के दौरान भी नहीं हुआ उपस्थित
जांजगीर-चांपा
चेक बाउंस के एक पुराने मामले में न्यायालय को भ्रमित करने, मिथ्या जानकारी प्रस्तुत करने और लगातार अनुपस्थित रहने पर माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जांजगीर ने रेलवे कर्मचारी सरोज कुमार धीवर को जेल भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक, परिवादी मुकेश राठौर ने वर्ष 2020 में सरोज कुमार धीवर निवासी वार्ड नंबर 4 जांजगीर के खिलाफ परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत परिवाद प्रस्तुत किया था। मामले में अभियुक्त पहली बार 16 जनवरी 2023 को न्यायालय में पेश हुआ था, जहां उसे नियमित उपस्थिति की शर्त पर जमानत दी गई थी।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियुक्त को कई बार न्यायालय द्वारा राहत दी गई, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार तारीखों पर अनुपस्थित रहता रहा। परिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि अभियुक्त जानबूझकर मामले को लंबित रखने का प्रयास कर रहा है।
बताया गया कि न्यायालय द्वारा चेक राशि का 20 प्रतिशत जमा करने का आदेश भी दिया गया था, लेकिन दो वर्षों बाद भी उक्त राशि जमा नहीं की गई। इसके चलते न्यायालय ने अभियुक्त के आचरण को न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग न करने वाला माना।
मामले में बार-बार गैरहाजिर रहने के कारण अभियुक्त के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। इसके बावजूद अंतिम बहस के चरण में भी अभियुक्त लगातार अनुपस्थित रहा और न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर मिथ्या तथ्य पेश किए गए।
इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जांजगीर ने न्यायालयीन समय की अपहानि, प्रक्रिया के दुरुपयोग और भ्रामक जानकारी देने के आधार पर अभियुक्त को जेल भेजने का आदेश दिया।

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