शैलेंद्र कुमार सह संपादक की रिपोर्ट
कुनकुरी नगर पंचायत में अध्यक्ष द्वारा पीआईसी (पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर कमेटी) की सदस्यता में किए गए फेरबदल का मामला अब राजनीतिक और सामुदायिक दोनों स्तर पर तूल पकड़ चुका है।

जानकारी के मुताबिक, नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील पर आरोप है कि उन्होंने वार्ड क्रमांक 10 की पार्षद रुखसाना बानो को पीआईसी सदस्यता से हटाकर वार्ड क्रमांक 06 के पार्षद अजीत केरकेट्टा को नया सदस्य बना दिया।
इस निर्णय से कांग्रेस के ही कई पार्षद नाराज़ हो गए हैं। यहां तक कि नगर पंचायत उपाध्यक्ष एवं पीआईसी मेंबर इमरान ने अध्यक्ष के फैसले का विरोध करते हुए इस्तीफा देने की पेशकश कर दी और कांग्रेस के आला नेताओं को शिकायत पत्र भेज दिया है।
सोशल मीडिया पर फर्जी लेटर वायरल:
इसी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक कथित शिकायत पत्र वायरल हुआ, जिसमें अंजुमन इस्लामिया कमेटी के नाम से पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज को संबोधित करते हुए लिखा गया था, कि मुस्लिम पार्षद को पीआईसी से हटाना मुस्लिम समाज का अपमान है।” साथ ही पत्र में लिखा था कि अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई थी।
लेकिन जांच में पता चला कि वायरल पत्र फर्जी है —
उसमें पुराने लेटरपैड का इस्तेमाल, नायब सदर सेक्रेटरी का पुराना मोबाइल नंबर, और दूसरे जमात के पदाधिकारी के हस्ताक्षर पाए गए।
अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने दी सफाई:
वायरल पत्र को लेकर अंजुमन इस्लामिया कमेटी के नवनियुक्त सदर हाजी आशिक अस्दकी,सेक्रेट्री सज्जाद खलीफा, और खजांची रकीब खान ने मीडिया के सामने आकर सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा नायब सदर सेकेट्री के हस्ताक्षर की बात करें तो वह उन्हें अपनी ओर समाज को बकायदा सिल साइन कर पूरी तरह से समर्थन दिया है। समाज किसी भी परिस्थित में अलग नहीं है।

सदर हाजी आशिक अस्दकी ने कहा हमारे सभी पदाधिकारीयों के बीच सर्व सम्मति से निर्णय लेकर सभी पदों की नियुक्ति कर दी गई है। इसका चस्पा भी कर दिया जाएगा।
कमेटी ने साथ ही कहा कि समाज को भड़काने की कोशिश ना करें, अन्यथा कार्रवाई होनी चाहिए।
अब मामला राजनीतिक रंग में:
नगर पंचायत के भीतर उठे इस विवाद ने अब कांग्रेस के स्थानीय संगठन में असंतोष बढ़ा दिया है।
एक ओर अध्यक्ष विनयशील अपने फैसले को प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहे हैं, वहीं नाराज़ पार्षद इसे एकतरफा निर्णय बताकर पार्टी नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

कुनकुरी नगर पंचायत की पीआईसी सदस्यता में फेरबदल का मामला अब फर्जी लेटर और सामुदायिक असंतोष के बीच राजनीतिक विवाद में बदल गया है।
अध्यक्ष के फैसले पर जहां कांग्रेस पार्षदों ने सवाल उठाए हैं, वहीं अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने स्पष्ट किया है कि फर्जी पत्र के ज़रिए समाज को गुमराह किया जा रहा है।