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मध्यप्रदेशराज्य

जय जय के नाम से मशहूर इंद्रेश उपाध्याय की शादी, वृंदावन में उत्सव और चर्चा का माहौल

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छतरपुर
वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज 5 दिसंबर को जयपुर के होटल ताज आमेर में हरियाणा की शिप्रा के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। इस शुभ अवसर पर देशभर के साधु-संतों और कई प्रसिद्ध हस्तियों की मौजूदगी रहेगी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी उनके परम मित्र हैं और विवाह समारोह में शामिल हो रहे हैं। शादी की रस्में शुरु हो गई है।

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मशहूर है दोनों की दोस्ती
वृंदावन के इंद्रेश महाराज और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री दोनों की ही दोस्ती काफी मशहूर है। दोनों अक्सर साथ में देखे जाते हैं। जब हाल ही में धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा निकली थी, तब इंद्रेश महाराज उनके साथ ही थे। दोनों एक-दूसरे की कथाओं में जाते रहते हैं। इंद्रेश महाराज के विवाह को लेकर भी शास्त्री ने कहा था कि इंद्रेश के विवाह में उनकी मां ही गीत गाएंगी।

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हाल ही में आए थे घर
प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय हाल ही में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की जन्मस्थली आए थे। उन्होंने शास्त्री की मां के हाथों से बने देशी चूल्हे पर कड़ी-पुड़ी और चाय का स्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने उस झोपड़ी को भी देखा जहां धीरेंद्र शास्त्री का बचपन बीता था।

बाबा रामदेव ने भी लिए मजे
हाल ही में सीएम मोहन यादव के बेटे की शादी में बागेश्वर बाबा और बाबा रामदेव भी पहुंचे हुए थे। वहां अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि यशस्वी मुख्यमंत्री अपने बालक की शादी यहां कर रहे, इससे बड़ी-बड़ी जगहों में डेस्टिनेशन वेडिंग कर लाखों-करोड़ों खर्च करने वालों का खर्चा बचेगा। लोग कहेंगे कि मैं भी अपने बालक का विवाह सामूहिक कन्या विवाह समारोह में कराउंगा। इसका मतलब यह नहीं कि आप लोग कहें कि आप भी कर लो।' इस पर परिसर में जोर के ठहाके लगने लगे। तभी बाबा रामदेव उठे और उन्होंने बाबा बागेश्वर को संबोधित करते हुए कहा कि 'चिंता मत करो महाराज आपका भी विवाह यहीं सामूहिक कन्या विवाह समारोह में ही कराएंगे।'

सिर्फ बात ही हो रही
लंबे समय से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विवाह की बातें मीडिया और उनके समर्थकों में हो रही हैं। हालांकि कभी भी धीरेंद्र शास्त्री ने इन बातों का खंडन नहीं किया। वह विवाह की बात को बड़ी ही होशियारी से टाल देते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में उनका नाम कभी कथावाचक जया किशोरी तो कभी देवी चित्रलेखा से जुड़ा है। वह खुद कई बार इन बेसिर-पैर की बातों का खंडन कर चुके हैं। बागेश्वर बाबा अपनी कथाओं में भी बिना तारीख बताए कई बार श्रोताओं को अपने विवाह के प्रीतिभोज में आमंत्रित कर चुके हैं।

मित्र के विवाह से पड़ेगा दवाब
अब उनके परम मित्र इंद्रेश महाराज के विवाह के बाद उनके ऊपर भी विवाह का दवाब बनेगा। उनकी माताजी कई बार उनसे निवेदन कर चुकी हैं। उनके पैतृक मकान में एक तस्वीर भी लगी है, जिसमें शास्त्री की मां उनके कान ऐंठ रही हैं, और उस पर लिखा है,'अब तो शादी कर ले मेरे लाल…' अब उनकी शादी की शुभ घड़ी कब आएगी, यह तो किसी को नहीं पता है। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही शादी के बंधन में बंध जाएंगे।

 

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