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बिलासपुर में बड़ी कार्रवाई — मधुबन अटल आवास से 14 लाख रुपये नकद बरामद

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थाना सिटी कोतवाली | बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

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नकदी के स्रोत पर नहीं दे पाया जवाब — बीएनएसएस की धारा 106 के तहत 14 लाख रुपये जप्त

बिलासपुर शहर में पुलिस द्वारा की गई एक बड़ी कार्रवाई ने फिर यह साफ कर दिया है कि संदिग्ध गतिविधियों और अवैध धन-संचय पर अब पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। शुक्रवार को थाना सिटी कोतवाली, थाना तारबाहर और ACCU की संयुक्त टीम ने मधुबन अटल आवास में रहने वाले एक व्यक्ति के घर पर रेड कार्रवाई करते हुए ₹14 लाख नकद बरामद किए। बरामद राशि की वैध जानकारी संदेही नहीं दे पाया, जिसके बाद पुलिस ने राशि को बीएनएसएस की धारा 106 के तहत विधिवत जप्त कर लिया है।

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यह पूरी कार्रवाई दिनांक 06 दिसंबर 2025 को मुखबिर द्वारा दी गई एक महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर शुरू हुई। मुखबिर ने पुलिस को जानकारी दी कि मधुबन अटल आवास में रहने वाला विजेन्द्र बैस नामक व्यक्ति पिछले कुछ महीनों से काफी बड़ी मात्रा में पैसा खर्च कर रहा है। उसके जीवनशैली में अचानक आई आर्थिक बढ़ोतरी को देखते हुए पुलिस को उस पर संदेह हुआ। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों के निर्देश के बाद तीन थानों—सिटी कोतवाली, तारबाहर और ACCU—की एक संयुक्त टीम गठित की गई।

संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मधुबन अटल आवास स्थित संदेही विजेन्द्र बैस के घर पर घेराबंदी कर तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को अलमारी, पलंग और अन्य सामानों के भीतर से बड़ी मात्रा में नकदी मिली। गिनती के बाद कुल रकम ₹14,00,000/- (चौदह लाख रुपये) पाई गई। इतनी बड़ी राशि मिलने के बाद पुलिस ने जब विजेन्द्र बैस से इसके स्रोत, वैध कमाई, कारोबार या किसी भी प्रकार के दस्तावेज दिखाने को कहा, तो वह कोई भी संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। न कोई पुख्ता कागज़, न कोई आय से संबंधित प्रमाणपत्र—यह स्थिति पुलिस संदेह को और मजबूत करती गई।

कानून के अनुसार, जब कोई व्यक्ति असामान्य मात्रा में नकदी रखता है और उसके वैध स्रोत का प्रमाण देने में असफल होता है, तो ऐसी धनराशि संदिग्ध मानकर जप्त की जा सकती है। इसी आधार पर पुलिस ने बरामद राशि को बीएनएसएस की धारा 106 के तहत विधिवत जप्त कर लिया। यह धारा उन परिस्थितियों में लागू की जाती है, जब किसी व्यक्ति के पास पाई गई संपत्ति या नकदी की प्रकृति संदिग्ध हो और उसके स्रोत की पुष्टि न हो सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह संदेश देने के लिए भी है कि अवैध कमाई, संदिग्ध लेनदेन और काले धन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। शहर में अचानक बेहद महंगे खर्च करने वाले या असामान्य लेनदेन करने वाले ऐसे कई लोग पुलिस की निगरानी में हैं।

पुलिस ने संदेही विजेन्द्र बैस को नोटिस जारी कर रकम के स्रोत से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर भी दिया है। यदि वह संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में असफल रहता है, तो रकम को स्थायी रूप से जब्त करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। साथ ही, इस बात की भी जांच की जा रही है कि यह धनराशि किसी अवैध कारोबार, सट्टेबाजी, जुआ या अन्य अनैतिक गतिविधियों से तो नहीं जुड़ी हुई है।

स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई के बाद दहशत और संतोष, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। एक ओर उन्हें पता चला कि पुलिस सतर्क है और संदिग्ध लोगों पर नजर रख रही है, वहीं दूसरी ओर लोग यह भी जानना चाहते हैं कि आखिर इतनी बड़ी राशि संदेही के पास आई कहाँ से।

फिलहाल, पुलिस टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल लेनदेन और संदेही के संपर्कों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद धनराशि का वास्तविक स्रोत क्या है।

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