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झमाझम बरसे बदरा, जलमग्न हुआ ढखेरवा इलाका

शारदा और घाघरा का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

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लखीमपुर खीरी से शरीफ अंसारी की रिपोर्ट

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लखीमपुर खीरी। यूं तो लोग तेज धूप और उमश भरी गर्मी से ब्याकुल होकर बारिश की आस संजोए नित्य बादलों को निहार ही रहे थे। फिर कुदरत ने कुछ ऐसा खेल दिखाया कि आज चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।

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पिछले दो-तीन दिन तक हुई मूसलाधार बारिश से घाघरा और शारदा आदि दोनों नदियों का जल स्तर बढ़ने से समीप बसे कई गांव जलमग्न हो गए हैं। जिससे वहां के ग्रामीणों में अफरा तफरी मची हुई है।
जिले की उत्तर सीमा पर घाघरा और शारदा नदी के मध्य विकास खंड रमियांबेहड़ के दर्जनों गांव प्रतिवर्ष बाढ़ और काटन की विभीषिका झेलने को मजबूर हैं। उत्तर में घाघरा और दक्षिण में शारदा नदी विगत कई दशकों से कहर बरपाती चली आ रही हैं।

पिछले दो तीन दिन तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद उक्त दोनों नदियों का जल स्तर बढ़ने से समीप बसे नरेंद्रनगर बेली, बोकरिहा, महांदेव, बंगाली कॉलोनी, गोतेबाज पुरवा, सेमरा पुरवा तथा बदन पुरवा आदि कई गांव बाढ़ के पानी से जल मग्न हो गए हैं। जिससे वहां के ग्रामीणों में अफरा तफरी मची हुई है। उधर घाघरा ने जबरदस्त कटान कर हजारों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को निगलते हुए अब तक दो दर्जन गांवों का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया हैं।

जिस कारण हजारों की तादात में ग्रामीण भूमिहीन होने के साथ ही अपना पुश्तैनी आशियाना भी गवां चुके हैं। प्रतिवर्ष बाढ़ और कटान की तबाही से तराई के दर्जनों गांवों के ग्रामीण अब आर्थिक तंगी से गुजरने को मजबूर हो गए हैं।

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