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अमोदा में बच्चों ने जानी कपड़ा बुनाई की बारीकियां, हथकरघा और पावरलूम का लिया व्यावहारिक अनुभव

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अमोदा में बच्चों ने जानी कपड़ा बुनाई की बारीकियां, हथकरघा और पावरलूम का लिया व्यावहारिक अनुभव

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नवागढ़। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला आमानारा (हरदी) के छात्र-छात्राओं ने शैक्षिक भ्रमण के दौरान ग्राम अमोदा पहुंचकर पारंपरिक कपड़ा बुनाई की कला और इसकी बारीकियों को करीब से जाना। संस्था के प्रधान पाठक संतोष तिवारी एवं शिक्षक नरेंद्र राठौर के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को विद्यालय से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम अमोदा ले जाया गया, जहां वर्षों से स्थानीय बुनकर अपने घरों में कपड़ा तैयार करने का कार्य कर रहे हैं।

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ग्राम अमोदा में 100 से अधिक बुनकर कपड़ा बुनाई के कार्य से जुड़े हैं। यहां मुख्य रूप से साड़ी, धोती और गमछा सहित विभिन्न प्रकार के वस्त्र तैयार किए जाते हैं। शनिवार को आयोजित बैगलेस-डे के अवसर पर विद्यार्थियों को स्थानीय कपड़ा उद्योग से परिचित कराने के उद्देश्य से यह शैक्षिक भ्रमण कराया गया।
भ्रमण के दौरान रामकुमार देवांगन एवं उनके परिवार ने विद्यार्थियों को कपड़ा तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। बच्चों ने ताना-बाना, कंघी, रोलर, रितो, कांडा, धागा लपेटने की मशीन, पावरलूम तथा हाथ से संचालित करघे के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने पावरलूम ऑपरेटर से बातचीत कर कपड़ा बुनाई से जुड़े विभिन्न सवाल भी पूछे, जिनका उन्हें सरल एवं रोचक तरीके से जवाब दिया गया।
व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कक्षा 6वीं से व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इसके तहत विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध व्यवसायों, कारीगरों और विशेषज्ञों के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने की परिकल्पना की गई है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को स्थानीय हथकरघा एवं कपड़ा बुनाई के कार्य से परिचित कराया गया।


शैक्षिक भ्रमण के दौरान बच्चों ने केवल कपड़ा तैयार करने की तकनीक ही नहीं जानी, बल्कि स्थानीय स्तर पर संचालित पारंपरिक व्यवसाय, उसमें लगने वाले श्रम, कौशल और रोजगार की संभावनाओं को भी समझा। इस तरह की गतिविधियों से विद्यार्थियों में तार्किक सोच, रचनात्मकता, व्यावसायिक कौशल और कार्य के प्रति सम्मान विकसित करने में मदद मिलती है।
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे भ्रमण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और बुनाई की प्रक्रिया को बेहद रुचि के साथ समझा। इस दौरान ग्राम अमोदा के राधे सिंह एवं स्थानीय हथकरघा कारीगरों का विशेष सहयोग रहा। विद्यालय प्रबंधन ने सहयोग के लिए सभी स्थानीय कारीगरों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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