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फर्जी ऋण घोटाले पर गरजे विधायक शेषराज हरबंश, सरकार से मांगा बड़े अधिकारियों पर एक्शन

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फर्जी ऋण घोटाले पर सरकार को घेरा विधायक शेषराज हरबंश, 600 किसानों के सिबिल स्कोर खराब होने का लगाया आरोप
जांजगीर/रायपुर। पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश ने छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश के कथित फर्जी ऋण घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जी ऋण स्वीकृत किए गए, जिससे करीब 600 निर्दोष किसानों का सिबिल (CIBIL) स्कोर खराब हो गया है। इसके चलते प्रभावित किसान नए ऋण, बैंकिंग सुविधाओं और अन्य वित्तीय सेवाओं से वंचित हो रहे हैं।

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विधायक ने कहा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित घोटाला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामले में कई कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, तब जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
दो थानों में दर्ज हैं एफआईआर, 16 आरोपी गिरफ्तार
शेषराज हरबंश ने बताया कि इस मामले में रामानुजगंज थाना में एफआईआर क्रमांक 157/2024 (6 अगस्त 2024) तथा कुसमी थाना में एफआईआर क्रमांक 0039/2025 (27 मई 2025) दर्ज है। इन मामलों में संस्था प्रबंधकों, लिपिकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और अन्य कर्मचारियों सहित कुल 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री भी इन गिरफ्तारियों की पुष्टि कर चुके हैं।
‘सवा साल से जांच जारी, बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?’
विधायक ने कहा कि 4 मार्च 2025 को जांच समिति का गठन किया गया था, लेकिन सवा साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जांच पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर के वरिष्ठ अधिकारियों, नोडल अधिकारियों और सीईओ की भूमिका की निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही है। उनका कहना था कि यदि अधीनस्थ कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आ चुकी है, तो शीर्ष अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
फर्जी ऋण का खामियाजा भुगत रहे किसान
हरबंश ने आरोप लगाया कि प्रभावित किसानों के नाम आज भी बैंक रिकॉर्ड में कथित ऋणधारी के रूप में दर्ज हैं। इसके कारण उनका सिबिल स्कोर खराब हो गया है और उन्हें नए ऋण नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि किसानों के खातों में धान बिक्री की राशि आने पर फर्जी ऋण के नाम पर कटौती की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सरकार से रखीं प्रमुख मांगें


विधायक ने सरकार से मांग की कि विभाग के पास उपलब्ध प्रमाणित सूची के आधार पर सभी प्रभावित किसानों के नाम फर्जी ऋण रिकॉर्ड से तत्काल हटाए जाएं, उन्हें क्लीन चिट दी जाए तथा उनका सिबिल स्कोर सुधारने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि यदि पूरे प्रदेश में निष्पक्ष जांच कराई जाए तो ऐसे कई और फर्जी ऋण प्रकरण सामने आ सकते हैं।
विधायक के प्रमुख सवाल
छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई, बड़े अधिकारियों पर चुप्पी क्यों?
600 किसानों का सिबिल स्कोर खराब होने का जिम्मेदार कौन?
जांच समिति बनने के बाद भी कार्रवाई में देरी क्यों?
प्रभावित किसानों को फर्जी ऋण रिकॉर्ड से राहत कब मिलेगी?

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