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बालिकाएं स्वास्थ्य पर ध्यान दें और एनीमिया से मुक्त रहे : कलेक्टर डॉ  संजय कन्नौजे

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सारंगढ़ बिलाईगढ़,कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वाधान में स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिंद में  राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी को कार्यक्रम का आयोजन किया गया

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जिसमें गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994 के बारे में बच्चों को वीडियो के माध्यम से दिखाया गया और समझाया गया। इस अधिनियम अंतर्गत किसी महिला को गर्भ के बच्चे की लिंग परीक्षण के बाध्य नहीं किया जा सकता, लेकिन गर्भ में पल रहे शिशुओं की सोनोग्राफी करना है जिसका उद्देश्य शिशु में किसी प्रकार  विकलांगता, विकास को पता करना होता इसके लिए सोनोग्राफी सेंटर रजिस्टर्ड होता है योग्य व अधिकृत चिकित्सक ही ये सोनोग्राफी करता है जिस गर्भवती महिला की सोनोग्राफी करना है, उसकी जानकारी रखना होता है।

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सोनोग्राफी सेंटर में यहां लिंग परीक्षण नहीं होता का बोर्ड भी लगाना होता है।  उल्लंघन होने की दशा में सजा का प्रावधान दिया है। इस अधिनियम में देश में लिंगानुपात की औसत गिर जाने के कारण ही इस अधिनियम को लाया गया क्योंकि देश के कई राज्यों में 1000 के बालक की संख्या में बालिकाओं की संख्या बहुत कम हो गया था। इस अधिनियम के आने से ही लिंगानुपात में सुधार हुआ है, लेकिन इसकी कड़ी निगरानी की जाती है। राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने  की शुरुआत 24 जनवरी 2008 को हुई है। इसका उद्देश्य बालिकाओं को बचाना, पढ़ाना और समाज में सम्मान दिलाना, बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं संपूर्ण विकास करना होता है तथा लिंगानुपात में सुधार करना है।

कलेक्टर ने अपने उद्बोधन में कहा कि अगर हमारे बालिका स्वस्थ रहेंगे तब ही बालिका का सही विकास हो सकेगा। इसके लिए उनका पोषण आहार अच्छा हो। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हो, हीमोग्लोबिन की जांच कराए क्योंकि हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होने पर बालिकाओं को खून की कमी होती है जिसे एनीमिया या रक्त अल्पता कहते हैं। हीमोग्लोबिन कम होने पर बच्चे कमजोर रहते है। ऐसे बच्चे में सीखने, समझने की क्षमता प्रभावित होती है तथा ऐसे  बच्चों में ध्यान एकाग्र नहीं होती परिणाम स्कूल में पढ़ाई में पिछड़ जाते और प्रतियोगी परीक्षा में पीछे रह जाते हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी में भी एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदाय की जाने वाले योजना जिसमें विफ़्स की गोली को नियमित रूप से प्रत्येक मंगलवार को खाना खाने के बाद खिलाई जाती है। ऐसे वर्ष में 52 गोली खाने होते हैं तथा खानपान भी संतुलित होनी चाहिए। इस अवसर पर डीपीओ उत्तम प्रसाद ने भी बालिकाओं को शिक्षा, पढ़ाई पर फोकस करने की बात कही। आज के इस कार्यक्रम में जिले भर से ऐसे बालिका जो पढ़ाई में अच्छे प्रदर्शन किए है उनको पांच हजारे रुपए की चेक प्रदान किए जिसमे मनीषा साहू, चंद्रप्रभा आदित्य और भूमिका प्रधान तीनों बालिका 10वीं में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं। इसी प्रकार 12वी में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले बालिकाओं में श्रुति बारिक, ममता सोनवानी और प्रीति टंडन को भी 5000 के चेक कलेक्टर के हाथों प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त छिंद हाईस्कूल की बालिका जिन्होंने अच्छे अंक से परीक्षा उत्तीर्ण हुए है उनको स्वास्थ्य विभाग के तरफ से मोमेंटो देखकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा ऐसे बच्चे के माता पिता जिनके केवल पुत्रियां है उन दंपत्तियों को भी सम्मानित किया गया। ऐसे 6 बच्चे थे जिनके भाई नहीं है उनको भी मोमेंटो दे कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमें प्रथम स्थान में मुस्कान जांगड़े, द्वितीय स्थान संयुक्त रूप से पूर्णिमा और आकांक्षा तथा तृतीय स्थान पर सीमा, दिशा और हेमकुमारी रही। इन सभी बालिकाओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

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