छत्तीसगढ़जशपुर नगर

जमीनों के दलाल का बड़ा कारनामा,मुआवजा की रकम तक करते थे गोलमाल जमीन दिखाते,थे आगरा की और देते कही और रिटायर SDO का पुत्र भी गिरफ्तार

शैलेंद्र कुमार सह संपादक की रिपोर्ट

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➡️ भू माफियाओं के खिलाफ जशपुर पुलिस का बड़ा प्रहार
➡️45 लाख रु की ठगी करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार
➡️ जमीन खरीदी बिक्री के नाम पर धोखाधडी  करने वाले चार आरोपियों को कुनकुरी पुलिस ने किया गिरफ्तार
➡️ किसी अन्य जमीन को दिखाकर , दूसरी जमीन की रजिस्ट्री कर रिटायर्ड मृतक शिक्षक की पत्नी से  36 लाख रुपए की किए थे ठगी,साथ ही भारत माला प्रोजेक्ट के मुआवजे का 21 लाख रु को भी ठगों ने डकारा
➡️ मामला थाना कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत
➡️  आरोपियों के विरुद्ध थाना कुनकुरी में भा. द .वि. की धारा 420,467,468,471 व 120(बी)के तहत् अपराध पंजीबद्ध
*➡️ गिरफ्तार आरोपियों के नाम क्रमशः:- 01. नीरज प्रजापति, उम्र 39 वर्ष, निवासी डुगडुगिया कुनकुरी, थाना कुनकुरी जिला जशपुर ( छ. ग)।
02. दिलीप राम उम्र  29वर्ष निवासी ग्राम खूंटी टोली थाना दुलदुला जिला जशपुर ( छ. ग)।
03.  गोवर्धन यादव उम्र 32वर्ष निवासी ग्राम सीरिमकेला थाना दुलदुला जिला जशपुर ( छ. ग)।
04. घन श्याम यादव उम्र 53 वर्ष निवासी ग्राम सीरिमकेला थाना दुलदुला जिला जशपुर ( छ. ग)।

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          ➡️ मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 17.07.25 को प्रार्थिया श्रीमती गोरेती मिंज पति स्व. अनिल मिंज, उम्र 57 वर्ष, निवासी ग्राम जोरा तराई, थाना नारायणपुर ने थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके पति थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम चिट्कवाइन में शिक्षक की नौकरी करते थे, जिनकी मृत्यु वर्ष 2021 में हो गई थी, जिसके बाद उसे विभाग के द्वारा,56 लाख रु मिला था, जिससे प्रार्थिया कुनकुरी में जमीन खरीदना चाहती थी, इस बावत वह अपने दामाद को कुनकुरी में जमीन पता करने हेतु बोली थी, तब उसके दामाद के द्वारा बताया गया था कि, कुनकुरी डुगडुगिया का रहने वाला नीरज प्रजापति जमीन खरीद बिक्री का काम करता है, जिस पर प्रार्थिया के द्वारा आरोपी नीरज प्रजापति से संपर्क कर, कुनकुरी में जमीन खरीदने हेतु इच्छा जताने पर नीरज प्रजापति के द्वारा अपने साथी  खूंटी टोली थाना दुलदुला निवासी दिलीप राम के साथ मिलकर कुनकुरी के सलियाटोली बेमताटोली में नेशनल हाइवे 43 के किनारे पर एक जमीन को जिसका खसरा नंबर 345/1 है को दिखाया गया और बताया गया कि उक्त  जमीन दिलीप राम का है,जमीन  को देखकर प्रार्थिया के द्वारा उक्त जमीन में से 10 डिसमिल जमीन लेने की इच्छा जताने पर,03 लाख रु प्रति डिसमिल के हिसाब से 30 लाख रुपए में सौदा तय हुआ,जिसमें से  01 लाख रुपए एडवांस के रूप में देकर प्रार्थिया के द्वारा नीरज प्रजापति की उपस्थिति में दिनांक 05.05.23 को आरोपी दिलीप राम से स्टाम्प पेपर में लिखवाकर जमीन का एग्रीमेंट कराया गया था, उसके पश्चात आरोपी दिलीप राम के द्वारा बहन की शादी के नाम से प्रार्थिया से ढ़ाई लाख रुपए मांगने पर, प्रार्थिया के द्वारा आरोपी दिलीप राम को ढ़ाई लाख रुपए नगद दिया गया था, प्रार्थिया के द्वारा जब आरोपी नीरज प्रजापति व दिलीप राम को जमीन की रजिस्ट्री कराने के संबंध में बोलने पर, उनके द्वारा बताया गया कि, कुनकुरी में जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है, कागजात तैयार है, रजिस्ट्री जशपुर में होगा, जिस पर प्रार्थिया के द्वारा 20.06.23 को अपने बेटी दामाद व एक रिश्तेदार के साथ जमीन की रजिस्ट्री हेतु जशपुर  जाने पर, वहां आरोपी नीरज प्रजापति, दिलीप राम व उनके साथी गोवर्धन यादव तथा घनश्याम यादव के द्वारा बताया गया कि उक्त खसरा नंबर 345/1 की जमीन का 10 डिसमिल का नक्शा नहीं कट पा रहा है, तो 12 डिसमिल जमीन का नक्शा टुकड़ा कटवाना पड़ेगा, और 02 डिसमिल जमीन का 03 लाख प्रति डिसमिल के हिसाब से 06 लाख रु और देना पड़ेगा, जिस पर प्रार्थिया के द्वारा प्रार्थिया के द्वारा 12 डिसमिल जमीन खरीदने हेतु राजी होने पर उनके द्वारा उक्त आरोपियों के द्वारा मिलकर 12 डिसमिल जमीन का रजिस्ट्री कराया गया,। रजिस्ट्री के पश्चात प्रार्थिया के द्वारा आरोपी नीरज प्रजापति के बैंक खाते में 29 लाख रु की राशि को ट्रांसफर कर दिया गया। रजिस्ट्री के कुछ दिनों बाद जब प्रार्थिया के द्वारा नामांतरण हेतु पता करने पर पता चला कि आरोपियों के द्वारा छल पूर्वक खसरा नंबर 345/1 जमीन को दिखाकर, खसरा नंबर 345/12  जमीन में से 12 डिसमिल जमीन को रजिस्ट्री करा दिया गया है, जबकि सौदा खसरा नंबर 345/1 जमीन का हुआ था, व जिसके सम्बन्ध में एग्रीमेंट भी हुआ था। प्रार्थिया के द्वारा रजिस्ट्री ऑफिस में जाकर पता को करने पर पता चला कि, उसके द्वारा एग्रीमेंट कराए गए जमीन खसरा नंबर 345/1 को आरोपी दिलीप के द्वारा पूर्व में ही दुलदुला निवासी एक व्यक्ति को बिक्री कर चुका है, व प्रार्थिया की जिस जमीन की रजिस्ट्री हुई है, वह 345/14 है, जो कि भारत माला प्रोजेक्ट में चली गई है, जिसका नामांतरण नहीं हो सकता है। इस प्रकार उक्त आरोपियों के द्वारा प्रार्थिया से जमीन के संबंध में धोखाधड़ी कर उससे 36 लाख 50 हजार रु की ठगी की गई है। प्रार्थिया के द्वारा उक्त संबंध में बात करते हुए जब अपने दिए गए रुपए को वापस मांगने पर  आरोपियों के द्वारा 12 लाख 60 हजार रु को वापस किया गया था, शेष रकम को वापस मांगने पर आरोपियों के द्वारा टाल मटोल किया जा रहा है,। आरोपियों के द्वारा छल पूर्वक दूसरी जमीन दिखाकर, भारत माल प्रोजेक्ट की जमीन की रजिस्ट्री करा कर प्रार्थिया से ठगी किए हैं।
       
     ➡️ रिपोर्ट पर थाना कुनकुरी में आरोपियों के विरुद्ध भा. द .वि. की धारा 420,467,468,471 व 120(बी)के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया।
   
   ➡️ विवेचना द्वार पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए मामले में चारों आरोपियों क्रमशः 01. नीरज प्रजापति, उम्र 39 वर्ष, निवासी डुगडुगिया कुनकुरी, थाना कुनकुरी जिला जशपुर ( छ. ग)।
02. दिलीप राम उम्र  29वर्ष निवासी ग्राम खूंटी टोली थाना दुलदुला जिला जशपुर ( छ. ग)।
03.  गोवर्धन यादव उम्र 32वर्ष निवासी ग्राम सीरिमकेला थाना दुलदुला जिला जशपुर ( छ. ग)।
04. घन श्याम यादव उम्र 53 वर्ष निवासी ग्राम सीरिमकेला थाना दुलदुला जिला जशपुर ( छ. ग)को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उनके द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
➡️  चूंकि बिक्री जमीन जो कि भारत माला प्रोजेक्ट में गई थी, नामांतरण नहीं होने पर उसके मुआवजे की राशि 21 लाख रु को बिक्री कर्ता के साथ मिलकर आरोपियों के द्वारा हड़प लिया गया है।
➡️ मामले की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक श्री राकेश यादव, सहायक उप निरीक्षक श्री ईश्वर वारले, प्रधान आरक्षक छवि लाल पैंकरा, आरक्षक चन्द्र शेखर बंजारे, भूपेन्द्र यादव व नंदलाल यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
    *➡️ मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि एक महिला से  दूसरी जमीन दिखाकर , अन्य जमीन की रजिस्ट्री कर  धोखाधड़ी करने वाले चार आरोपियों को पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, इस प्रकार के भू माफियाओं का जशपुर की जनता के खिलाफ षडयंत्र बर्दास्त नहीं किया जावेगा। यदि कोई भी इस प्रकार के षड्यंत्र का शिकार होता तो पुलिस को जरूर सुचित करें।

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