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सुरक्षित स्कूल परिवहन सुनिश्चित करने प्रशासन का अभियान तेजजिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में आगे भी जारी रहेगी जांच

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जिला सक्ति

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सक्ती जिले में प्राइवेट स्कूलों के वाहनों पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं और कई स्कूलों में नियमों की जांच की गई है। आइए, विस्तार से जानते हैं पूरी खबर।

सक्ती जिले में स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिले में चल रहे सभी प्राइवेट स्कूलों के वाहनों की स्थिति की जांच करने के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और मानक अनुरूप यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है।

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इसी कड़ी में जिला परिवहन अधिकारी जांजगीर-चांपा एवं सक्ती श्री गौरव साहू, और परिवहन उड़नदस्ता के सहायक उपनिरीक्षक श्री सुनील उपाध्याय के नेतृत्व में एक टीम ने जैजैपुर विकासखंड के तीन प्रमुख प्राइवेट स्कूलों में जांच की। इन स्कूलों में संस्कार सेंट्रल एवं संस्कार भारती स्कूल जैजैपुर, उर्मिला पब्लिक स्कूल जैजैपुर, और जीएससी पब्लिक स्कूल जैजैपुर शामिल थे।

जांच टीम ने स्कूलों के बस और वैन सहित सभी वाहनों की तकनीकी स्थिति, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, ड्राइवर लाइसेंस, गाड़ी में लगाए गए सेफ्टी उपकरण, सीट बेल्ट, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास और आरटीओ द्वारा निर्धारित अन्य सभी सुरक्षा मानकों का विस्तार से निरीक्षण किया। परिवहन विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई को गंभीर लापरवाही माना जाएगा और दोषी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई होगी।

जांच के दौरान उर्मिला पब्लिक स्कूल के एक वाहन में कमी पाई गई। गाड़ी में निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण परिवहन विभाग ने मौके पर ही 2000 रुपए का शमन शुल्क वसूला। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि आगे भी किसी प्रकार की कमी या लापरवाही सामने आती है, तो बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, अन्य दो स्कूलों में वाहनों के दस्तावेज सही पाए गए, लेकिन फिर भी अधिकारियों ने उन्हें भविष्य में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने की हिदायत दी। टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी प्रकार की औपचारिकता नहीं, बल्कि सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जांच अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने सभी स्कूल संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि बच्चों को लाने–ले जाने वाले हर वाहन का नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस चेक अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही ड्राइवरों की पृष्ठभूमि की जांच, उनकी योग्यता, प्रशिक्षण और यातायात नियमों के पालन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

अधिकारियों ने कहा कि कई बार माता-पिता शिकायत करते हैं कि स्कूल वाहन ओवरलोड चलते हैं या सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी की जाती है। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने यह अभियान शुरू किया है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य सभी प्राइवेट स्कूलों में भी इसी तरह की सघन जांच जारी रहेगी।

परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल औपचारिक जांच भर नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य हर बच्चे को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है। यदि किसी वाहन में फिटनेस, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण या ड्राइवर लाइसेंस जैसी मूलभूत चीजें भी पूरी नहीं होतीं, तो ऐसे वाहनों को तुरंत जब्त करने और स्कूल पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।

अंत में, प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों के स्कूल वाहनों की स्थिति पर नजर रखें और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत स्कूल या परिवहन विभाग को दें, ताकि बच्चों की सुरक्षा में सहयोग किया जा सके।

तो यह थी सक्ती जिले से बड़ी खबर, जहां बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों के वाहनों पर सख्त कार्रवाई शुरू की है। ऐसी ही खबरों के लिए देखते रहिए

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