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राज्य

नशे के गढ़ पर वार! सिरसा में हरियाणा प्रशासन की ऐतिहासिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

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चंडीगढ़ 
हरियाणा में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने अब जंग छेड़ दी है। सिरसा जिले में को खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीमों ने बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाते हुए 67 मेडिकल स्टोरों की जांच की। इनमें से 16 दुकानों को रिकॉर्ड न दिखाने और नियमों के उल्लंघन पर सील कर दिया गया। अभियान की निगरानी खुद राज्य ड्रग्स कंट्रोलर लालित कुमार गोयल ने की, जबकि हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव पूरे ऑपरेशन पर नज़र बनाए रहीं। अधिकारियों के मुताबिक, सिरसा को सबसे पहले चुना गया क्योंकि यहां नशे का सबसे अधिक प्रचलन है और यह इलाका लंबे समय से ड्रग्स के वितरण का हॉटस्पॉट माना जाता है।

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इसी वजह से सरकार ने अभियान की शुरुआत सिरसा से की, ताकि नशे के नेटवर्क की रीढ़ तोड़ी जा सके। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर विभाग के आयुक्त मनोज कुमार के नेतृत्व में 35 सीनियर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर और कई जिलों से आए ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर को मिलाकर आठ विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने एक साथ ज़िले के कालांवाली, बडागुढ़ा, डबवाली, रानिया, ऐलनाबाद और सिरसा शहर में छापेमारी की।

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हर टीम के पास थी हिट-लिस्ट
‘ऑपरेशन क्लीन फार्मेसी’ नाम के इस अभियान में प्रत्येक टीम को उन दुकानों की सूची दी गई थी, जहां प्रतिबंधित या साइकोट्रोपिक दवाओं की बिक्री की आशंका थी। छापेमारी सुबह 11:30 बजे शुरू हुई और करीब साढ़े छह घंटे तक लगातार जारी रही। अभियान में 67 दुकानों की जांच की गई, 16 दुकानों को सील किया गया, जबकि 15 दवाओं के सैंपल जांच के लिए लिए गए। एफडीए ने सभी गड़बड़ी वाले प्रतिष्ठानों को शो कॉज नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मुख्यालय से सीधी मॉनिटरिंग, मौके पर अधिकारी तैनात
अभियान की सीधी निगरानी राज्य ड्रग्स कंट्रोलर लालित कुमार गोयल कर रहे थे। मुख्यालय से असिस्टेंट स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर्स परविंदर सिंह, करण सिंह गोदारा और राकेश दहिया भी मौके पर मौजूद रहे ताकि कार्रवाई में कोई ढिलाई न रहे। टीमों को साफ आदेश थे कि बिना किसी दबाव के, हर संदिग्ध मेडिकल स्टोर की जांच करो। रिकॉर्ड मांगो, जवाब न मिले तो दुकान सील करो।

हिसार, फतेहाबाद और अंबाला अगले निशाने पर
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि सिरसा में हुई यह कार्रवाई शुरुआत मात्र है। यह एक तरह की सर्जिकल स्ट्राइक है जो बाकी जिलों में भी जारी रहेगी। हिसार, फतेहाबाद, अंबाला और पानीपत जैसे जिलों में भी अभियान तैयार है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को नशे की गिरफ्त से आज़ाद कराना हमारा संकल्प है। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि नशीली दवाओं की बिक्री में कोई भी व्यक्ति या संस्था संलिप्त मिली तो उसके खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
 
हरियाणा बनेगा नशामुक्त प्रदेश
अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ दुकानों की जांच नहीं बल्कि पूरे सप्लाई चेन को खत्म करना है। यानी निर्माता, सप्लायर और खुदरा विक्रेता – तीनों स्तरों पर कार्रवाई होगी। राज्य सरकार ने संबंधित विभागों से संयुक्त टास्क फोर्स बनाने की योजना पर भी काम शुरू कर दिया है ताकि सूचना का आदान-प्रदान और तेज़ी से हो सके। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह वक्त चेतावनी का नहीं, कार्रवाई का है। उन्होंने कहा कि नशे के इस जाल को तोड़ने के लिए हरियाणा सरकार आखिरी हद तक जाएगी।

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