उत्तर प्रदेशलखीमपुर खीरी

पुलिस लाइन खीरी में एस.जे.पी.यू /ए.एच.टी.यू जनपद खीरी की मासिक समन्वय बैठक का आयोजन

अफजल अली लखीमपुर खीरी जिला ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट

लखीमपुर खीरी। रिजर्व पुलिस लाइन खीरी में एसजेपीयू /एएचटीयू जनपद खीरी की मासिक समन्वय बैठक, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन लखनऊ द्वारा जारी बालकों के विरुद्ध अपराध व उनके देखरेख एवं संरक्षण के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी अनुपालन हेतु आयोजित की गई।

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बता दें बुधवार को पुलिस अधीक्षक खीरी के निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) की अध्यक्षता में रिजर्व पुलिस लाइन खीरी संगोष्ठी कक्ष में SJPU व A.H.T.U की मासिक समीक्षा एव समन्वय गोष्ठी आहूत की गयी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग से उप चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रमोद,  सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष एसपी सिंह, श्रमविभाग से श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रियंका वर्मा, शिक्षा विभाग से सुभाष चंद्र , चाइल्ड लाइन खीरी से अंजुमन परवीन ,  विभा सक्सेना, रश्मि वर्मा वन स्टाफ सेंटर से विजेता गुप्ता, जिला बाल संरक्षण इकाई से काउंसलर कय्यूम जरवानी, एम ट्रस्ट से प्रियंका वर्मा, जोगिंदर सिंह, नाज फातिमा ,बचपन बचाओ आंदोलन से राजबहादुर , इंद्र कुमार  व बाल कल्याण अधिकारी अन्य विभागों के अधिकारीगण शामिल हुए। जिसमें पूर्व में जारी किए गए कार्यवृत् का अनुपालन के संबंध में चर्चा की गई। तथा पास्को एक्ट के संबंध मे जारी (SOP) का अनुसरण करते हुए उसे पढ़कर सभी को सुनाया गया

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और उपस्थित अधिकारीगण द्वारा थानों पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के समक्ष आ रही समस्या, एवं सुझाव पीड़ितों के अश्वासन, बाल गुमशुदा, बाल श्रम, नशा मुक्त अभियान, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम, लैंगिक समानता, नारी शक्ति किशोर न्याय अधिनियम 2015 मे हुए नवीनतम संशोधन पोस्को को एक्ट के अभियोग पंजीकृत होने के 24 घंटे के अंदर सीडब्ल्यूसी को सूचित करना, पॉस्को के मामले में फार्म ए व बी पुलिस द्वारा भरकर संबंधित को समय से भेजा जाना बाल कल्याण अधिकारी के कर्तव्य का पालन, जे.जे एक्ट के अंतर्गत सामाजिक पृष्ठभूमि, किशोर न्याय बोर्ड में पुलिस अधिकारियों रिमांड लेने हेतु सादे वस्त्रों में आने जे.जे एक्ट की धारा 24 आदि तथा पोक्सो एक्ट से संबंधित अभियुक्तों की माननीय उच्च न्यायालय से प्राप्त बेल नोटिस को बाल कल्याण समिति एवं वादी /पीड़िता को अंदर समय उपलब्ध कराना के संबंध में विस्तृत रूप से चर्चा की गई।

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