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डीएम ने अफसरों संग परिषदीय विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण

लखीमपुर खीरी से शरीफ अंसारी

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बच्चों से पढ़वाई किताब, परखी शैक्षिक गुणवत्ता

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मुख्य मार्ग से दूरस्थ पीएस तेंदुआ पहुंची डीएम, प्रधानाध्यापिका पर हुई खफा, मांगा स्पष्टीकरण

डीएम के निर्देश, शिक्षक संदर्शिका, शिक्षक डायरी का अनिवार्यता से करे दैनिक प्रयोग

लखीमपुर खीरी। बुधवार सुबह डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने अफसरों की टीम संग ब्लॉक फूलबेहड़ अंतर्गत संविलियन विद्यालय ओदरहना, पीएस तेंदुआ का औचक निरीक्षण कर पठन-पाठन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों की उपस्थिति व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

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इस दौरान मुख्य रूप से डीपीआरओ विशाल सिंह, बीएसए प्रवीण तिवारी मौजूद रहे। सर्वप्रथम डीएम सुबह 08.35 बजे विकास क्षेत्र फूलबेहड़ के ग्राम ओदरहना पहुंची, कक्षा सात में ब्लैकबोर्ड पर फूल बना देखा, पूछने पर पता चला कि छात्रा आफरीन यह फूल बनाया है। इसपर उन्होंने आफरीन के सिर पर हाथ फेरकर दुलारा और प्रशंसा करते हुए आशीर्वाद दिया।

शिक्षिका सुषमा अवस्थी द्वारा बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। डीएम ने पुस्तक उठाई। पेज सं. 15 खोला और बच्चों से पढ़वाकर रीडिंग स्किल चेक की। क्लास 6 में शिक्षिका रुपिंदर कौर पढ़ाती मिली। क्लास में फर्नीचर कम होने का कारण जाना। शिक्षक ने बताया कि फर्नीचर टूट गया है। बीएसए ने अवगत कराया कि फर्नीचर की पांच साल की वारंटी है। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में फर्नीचर क्षतिग्रस्त हो गए हैं उनकी मरम्मत कराई जाए। निरीक्षण के दौरान सफाई कर्मियों की टीम सफाई करते मिली। डीएम के पूछने पर डीपीआरओ ने बताया कि रोस्टर के मुताबिक आज इस गांव, विद्यालय में साफ सफाई कराई जा रही है। विद्यालय बाउंड्रीवॉल बनवाने के संबंध में एडीओ (पं) को निर्देश दिए। डीएम ने बीएसए को निर्देशित किया कि बीटीएफ और डीटीएफ सदस्य परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान कागजी घोड़े दौड़ने के बजाय स्कूलों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने पर फोकस करे।

अनोखे अंदाज में पढ़ाती मिली निहारिका, डीएम ने की सराहना।

निरीक्षण के दौरान कक्षा चार में सहायक अध्यापिका निहारिका अनोखी अंदाज में पढ़ाती मिली। “चंदा के गांव में, बादलों की छांव में” बच्चे एक्टिविटी करते मिले। शिक्षिका की कक्षा के छात्र उनके अनोखे शिक्षण के तरीके को काफी एंजॉय कर रहे हैं। डीएम ने निहारिका के इस प्रयास की सराहा, अन्य शिक्षकों को भी उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।

तेदुआ में डीएम खफा, प्रधानाध्यापिका का स्पष्टीकरण तलब

इसके बाद डीएम ने जिला मुख्यालय से 20 किमी और मुख्य सड़क मार्ग से लगभग 05 किमी अंदर सुबह 09.20 बजे प्राथमिक विद्यालय तेंदुआ पहुंची, जहां सभी बच्चे एक ही क्लास में बैठे मिले, पूछने पर शिक्षिका माधुरी पांडेय ने बताया कि बरसात की वजह से बच्चे कम आए है। डीएम ने पूछा एक ही क्लास में दो शिक्षक कैसे पढ़ाएंगे। प्रधानाध्यापिका शीला देवी से शिक्षक संदर्शिका व शिक्षक डायरी मांगी, जवाब में शीला देवी ने बताया कि वह घर पर है, इस पर गहरी नाराजगी जताई, बीएसए को इनका स्पष्टीकरण प्राप्त करने को कहा।

शिक्षकों को शिक्षक संदर्शिका व शिक्षक डायरी का अनिवार्यता से दैनिक प्रयोग करने के निर्देश दिये। इसके बाद डीएम ने रसोई घर का निरीक्षण किया। इस दौरान गैस चूल्हा खराब था, चूल्हे पर खाना बनता मिला। स्कूल स्टाफ को तत्काल चूल्हा सही करने के निर्देश दिए। चूल्हे पर खाना तैयार करने से आपके स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ेगा, इसलिए गैस चूल्हे पर ही भोजन तैयार किया जाए। उन्होंने दूध प्रदान किए जाने वाले बर्तन भी देखा और जाना कितनी मात्रा में बच्चों को दूध प्रदान किया जाता है।

दूध व भोजन वितरण के संबंध में बच्चों से भी पुष्टि की। डीएम के पूछने पर रसोईया ने बताया कि आज उपस्थित 20 बच्चों के लिए तय रोस्टर के अनुसार भोजन तैयार किया जा रहा है। तहरी में सोयाबढ़ी पर्याप्त मात्रा में अनिवार्य रूप से उपयोग की जाए। इस दौरान उन्होंने गांव का स्थलीय भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद किया। गांव के एक मार्ग पर जलभराव देखकर बीडीओ को उस मार्ग की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। ताकि वहां के बच्चे बिना कठिनाई के विद्यालय पहुंच सके।

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