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कलेक्टर डॉ कन्नौजे और एसपी वार्ष्णेय ने किया उप जेल सारंगढ़ का औचक निरीक्षण

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सारंगढ़ बिलाईगढ़,सजग, सुरक्षा, सुधार के ध्येय वाक्य पर कार्य कर रहे उप जेल सारंगढ़ का कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे, पुलिस अधीक्षक आञ्जनेय वार्ष्णेय और डिप्टी कलेक्टर अशोक मार्बल ने औचक निरीक्षण किया। सभी ने आगंतुक रजिस्टर में अपना नाम दर्ज किया और रसोई, बैरक, वीसी कक्ष, भंडार आदि का निरीक्षण किया।

कलेक्टर ने प्रधान आरक्षक से पूछताछ किए कि, बंदी की मारपीट क्यों हुआ और सिपाही ड्यूटी में था तो वो क्या कर रहा था। प्रधान आरक्षक ने बताया कि शौचालय के आसपास किसी बात से झगड़ा हुआ था। कलेक्टर और एसपी ने सभी बैरक के सभी बंदियों को बोले कि यदि कोई झगड़ा कर रहा है तो बताएं। बैरक 1 में एक बंदी ने कहा कि एक युवा बंदी सिर को मारता है, तो आरोपी बंदी ने झूठ बोलने के अंदाज में कहा कि वह मजाक करता है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि कोई बंदी झगड़ा करता है तो उसे दूसरे बैरक में भेजेंगे।

दिनचर्या की सामान्य पूछताछ

जेल में उपस्थित बंदियों और प्रधान आरक्षक से जेल के संबंध में कौन खाना बनाता है। बंदी हरिराम जो रसोइया का काम कर रहे उनसे पुलिस अधीक्षक ने उनके अपराध और आज चाय कितने दूध का बना, नाश्ता, चावल, सब्जी क्या बनाए थे का प्रश्न किए। हरिराम ने बताया कि 5 लीटर दूध का चाय बना, नाश्ता में खिचड़ी बनाए थे और दोपहर की सब्जी में आलू बड़ी बनाए थे। इसी प्रकार जेल परिसर में औषधालय में काम कर रहे बंदी से कलेक्टर ने पूछा कि कौन से अपराध और कारण क्या था? बंदी ने जवाब दिया कि हत्या के केस है, मृतक ब्याज ज्यादा लेता था। कलेक्टर ने कौन कौन सा दवा है, इसकी जानकारी ली और डॉ दीनदयाल साहू से कब कब प्रतिदिन चेक करते हैं। डॉक्टर ने जवाब दिए कि प्रतिदिन रूटीन चेकअप के बाद 24 घंटे ऑन कॉल बुलाने पर सेवा देता हूं। कलेक्टर ने वीसी कक्ष की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने पिछले वीसी और पेशी में प्रत्यक्ष गए बंदी के रिकॉर्ड का अवलोकन किया।

बंदियों के पढ़ने के लिए पुस्तक उपलब्ध कराएंगे कलेक्टर

बंदियों के समय गुजारने और उनके जीवन में सुधार कार्य के उद्देश्य से बंदियों के लिए पुस्तक उपलब्ध कराने कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने डिप्टी कलेक्टर अशोक मार्बल को निर्देश दिए।

बैरक की स्थिति
बैरक में 14 कलेक्टर ने पूछा कि क्या क्या अपराध के बंदी हैं। सबसे ज्यादा समय तक कौन, किस अपराध से बंद है। खाना ठीक मिलता है कि नहीं। बीमार होने पर इलाज होता है? कितना बजे उठते हैं। चाय नाश्ता कितना बजे मिलता है। दोपहर के खाना में क्या बना था। किताब कौन कौन पढ़ते हैं। बंदी ने बताया कि वो कैरम और चेस खेलते हैं।

समस्या की जानकारी
कलेक्टर और एसपी ने सभी बंदियों से परेशानी की जानकारी ली। बंदियों ने बताया कि जेल के दो बोर में गर्मी के दिन में पानी नहीं आ रहा हैं, टैंकर में पानी की व्यवस्था है, जो कम है।  इसलिए पानी की व्यवस्था कर दीजिए। एक बंदी ने कहा कि खुजली हो रहा है तो दवा की व्यवस्था करा दे। बुजुर्ग बंदी ने कहा कि मेरे बच्ची को राशि देना व्यवस्था करा दीजिए। झुमका गांव के युवा बंदी ने कोर्ट बदलने की अर्जी की। सरिया तहसील के एक बंदी ने कहा कि दूध और अंडा नही मिलता। 

कलेक्टर ने पानी और दवा की व्यवस्था, कोर्ट बदलने और चेक में हस्ताक्षर करने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करने के निर्देश दिए।

जेल,बैरक, बंदी और सुविधा

जेल में सामूहिक स्नानागार के लिए खुला सीमेंट का टंकी है। परिसर में हनुमान जी का मंदिर है। एक पाठशाला है जो बंद है। जेल में 4 बैरक है। बैरक 4 में 14 बंदी थे। बैरक 1 हाल में 49 बंदी थे, वहां टीवी में वाइल्ड चैनल चालू था। बंदियों  ने बताया कि पर्याप्त खाना मिला है। बैरक 3 में 15 बंदी थे, जिसमें एक युवा, रसायन का लेक्चरर था। उसने बताया कि राजस्व मामले में वह बंदी है। ,   बैरक 2 हाल है, जहां 8 पंखा चालू था, जिसमें 65 बंदी थे। सभी बंदी टीवी के स्टार उत्सव चैनल देख रहे थे। हाल में बाबूलाल चतुर्वेदी का कैलेंडर, घड़ी, भगवान श्रीराम और हनुमानजी का दीवाल में पेंटिंग था। बैरक को देखने से लगता था, जैसे सभी कोई यात्रा करने बैठे हों। वहीं हॉल में टीवी देख रहे बंदियों को देखने पर ऐसा लगता है जैसे सभी टीवी देखने हाल में इकट्ठा हुए हों।

विधिक सहायता
जेल के मुख्य गेट के बाद विधिक साक्षरता अभियान 2024 का पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर में बंदियों के भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत अधिकार, जमानत, अधिवक्ता की सुविधा आदि के संबंध में जानकारी दिया गया है।

भंडार कक्ष
जेल के भंडार कक्ष में तेल, दाल, चावल, आटा, आलू, प्याज, बैगन और लौकी आदि भंडारित था। पुलिस अधीक्षक ने ड्रम को खोलकर चेक किया, जिसमें दाल मिला।

बंदी मुलाकात

जेल में बंदियों से मुलाकात के लिए एंट्री करने का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक है, जिसका मुलाकात सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक दिया जाएगा। इसके साथ-साथ बंदी के परिजन बंदी को सामग्री सिपाही के माध्यम से टोकन नंबर के अनुसार दे सकते हैं। बंदी से बात करने का सुविधा टेलीफोन के माध्यम से आमने-सामने एक जाली लगा हुआ खिड़की से कर सकते हैं जिसमें वे एक दूसरे को देख सकते हैं।

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