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राज्य

कैशलेस हेल्थ स्कीम में देरी क्यों? मीडिया वर्ग के लिए त्वरित लागू करने की अपील

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चंडीगढ़ 
मीडिया वेल बिंग एसोसिएशन(रजिस्टर्ड) द्वारा आने वाले दिनों में भिवानी में पत्रकारों के हितों के लिए एक सेमीनार किया जाएगा। शुक्रवार को भिवानी में एम डब्ल्यू बी जिला कार्यकारिणी की एक मीटिंग एम डब्ल्यू बी उत्तर भारत के अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।इस मौके पर मनोज मलिक(भिवानी) को एम डब्ल्यू बी हरियाणा प्रांत का संगठन सचिव बनाने की भी घोषणा की गई।

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एम डब्ल्यू बी उत्तर भारत के अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी ने सी एम नायब सिंह सैनी से मांग की कि हरियाणा में पत्रकारों की पैशन यथा शीघ्र  तीस हजार रुपए प्रति माह की जाए।सरकार बनने के एक वर्ष बाद भी अभी तक मीडिया के लिए कैश लेस हैल्थ सुविधा लागू नहीं हो पाई जो जल्दी लागू हो।उन्होंने कहा कि मीडिया एकराडीशन ऑन लाइन की जाए।जिसकी घोषणा कई वर्षों पहले से की हुई है।धरणी ने कहा कि राईट टू सर्विस के तहत एकराडीशन एप्लाई किए गए फॉर्म्स पर 15 वर्किंग डे में जवाब देही सुनिश्चित होनी चाहिए।क्योंकि एकराडीशन फार्म जब सरल पोर्टल पर उपलब्ध है तो देरी होने पर कार्यवाही भी होनी चाहिए।

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धरणी ने कहा कि पंचकूला में मुख्यालय बनाने, प्रेस क्लब चंडीगढ़ की तर्ज पर भवन बनाने के लिए सस्ते दाम पर 500 गज (एक कैनाल) जगह उपलब्ध करवाए जाने, पत्रकारों को सस्ते दामों पर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि प्रजातन्त्र के तीन स्तम्भों की तरह को चौथे स्तंभ मीडिया को भी टोल फ्री सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मीडिया के लिए मुफ्त मेडिकल सुविधा पूरे हरियाणा में की जाए। हरियाणा सरकार द्वारा डिजिटल मीडिया के लिए बनाए गए नियमों में मान्यता प्रदान करने की व्यवस्था को सरल करने के साथ ही पड़ोसी राज्य पंजाब व अन्य राज्यों की तर्ज पर संशोधन किया जाए। किसी भी वेबमीडिया का मुख्यालय चाहे हरियाणा से बाहर हो, उन्हें भी मान्यता प्रदान की जाए। हरियाणा प्रेस मान्यता कमेटी तथा प्रेस रिलेशन कमेटी का पुर्न गठन किया जाए तथा मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन के दो दो सदस्यों को उसमें शामिल किया जाए। मासिक मैगजीन व अखबारों की बन्द की गई एकराडिशन व्यवस्था सुदृढ़ कर पुनः शुरू की जाए। धरणी ने इस मांग पत्र के माध्यम से मीडिया जगत की आर्थिक स्थिति को कमजोर बताते हुए सभी जिलों में 15 साल से अधिक सक्रिय पत्रकारों व उनके परिवारों के सहयोग के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने पर विचार करने, वेब/डिजिटल की एकराडिशन पॉलिसी को सरल करने तथा मुख्यालय हरियाणा से बाहर जालन्धर, नोएडा, दिल्ली या अन्य कहीं पर है को प्रिंट मीडिया की तरह मान्यता प्रदान करने का प्रावधान करने की मांग की।

धरणी ने बताया कि एसोसिएशन समय-समय पर मृत्यु दुर्घटना बीमा और टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी के लाभ पत्रकारों को देती रही है। प्रदेशभर में लगभग 1200 पत्रकारों के इंश्योरेंस यह संस्था करवा चुकी है। मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन केवल प्रदेश भर तक सीमित नहीं है बल्कि कई राज्यों के अंदर संस्था लगातार विस्तार कर रही है और जोकि आज कई हजार सदस्यों वाली मजबूत संस्था है। अब तक जहां सभी संस्थाएं बीमा पॉलिसी के नाम पर कुछ ना कुछ शुल्क पत्रकारों से अवश्य लेती थी। लेकिन एमडब्ल्यूबी पहली ऐसी संस्था है जो किसी भी पत्रकार से किसी भी तरह के इंश्योरेंस की एवज में कोई शुल्क प्राप्त नहीं करती है तथा लगातार पत्रकारों पर किसी भी प्रकार की समस्या दुख संकट आने पर संस्था उनके साथ खड़ी नजर आई है। पत्रकारों को हर स्तर पर रिलीफ देने और दिलवाने का कार्य संस्था कर रही है।

 

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