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मध्यप्रदेशसतना

सतना जिला अस्पताल की बदहाली: दवाएं नदारद, मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रहीं दवाइयां

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फर्स्ट छत्तीसगढ़ न्यूज से विकास सोनी

सतना जिला चिकित्सालय की बदहाली: सरकारी अस्पताल में दवाएं नदारद, प्राइवेट क्लीनिकों में व्यस्त डॉक्टर, मरीज परेशान
सतना।

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सरकार भले ही गरीबों को मुफ्त और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का लाख ढिंढोरा पीटते हैं , लेकिन सतना के सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला चिकित्सालय की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जिला अस्पताल इन दिनों खुद ‘बीमार’ नजर आ रहा है, जहां गरीब मरीज इलाज और दवाओं के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। अस्पताल की दयनीय स्थिति और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण यहां आने वाले मरीजों का शारीरिक और मानसिक शोषण हो रहा है।

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अस्पताल में दवाएं नहीं, मेडिकल स्टोर की कट रही पर्ची
मरीजों की सबसे बड़ी परेशानी दवाओं को लेकर है। सरकारी अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों द्वारा पर्ची पर ऐसी दवाइयां लिखी जा रही हैं, जो अस्पताल के दवा वितरण केंद्र में उपलब्ध ही नहीं होतीं। हैरानी की बात यह है कि डॉक्टर या स्टाफ मरीजों को पहले से यह नहीं बताते कि दवा अस्पताल में नहीं है और बाहर से लेनी पड़ेगी। गरीब मरीज घंटों लाइन में लगकर जब दवा खिड़की तक पहुंचता है, तब उसे बैरंग लौटा दिया जाता है। मजबूरी में गरीबों को महंगे दामों पर बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
प्राइवेट क्लीनिकों में व्यस्त हैं सरकारी डॉक्टर
अस्पताल में मरीजों की अनदेखी का एक बड़ा कारण डॉक्टरों का अपनी प्राइवेट प्रैक्टिस में व्यस्त होना बताया जा रहा है। आरोप है कि कई डॉक्टरों का ध्यान अस्पताल में आने वाले गरीब मरीजों पर नहीं, बल्कि अपने प्राइवेट क्लीनिकों और वहां से होने वाली कमाई पर है। उन्हें सिर्फ पैसा दिख रहा है, जिसके चलते सरकारी अस्पताल में मरीजों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।
सरकारी दावों पर उठ रहे सवाल
इस पूरी अव्यवस्था ने राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि जब सरकार एक गरीब को सरकारी अस्पताल में बुनियादी दवाएं तक उपलब्ध नहीं करा सकती, तो फिर गरीब हितैषी होने का झूठा दिखावा क्यों किया जा रहा है?
जिला चिकित्सालय की इस चरमराई व्यवस्था पर तुरंत संज्ञान लिया जाए। अस्पताल में सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और सरकारी समय में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके।
देखना यह है कि इस खबर के बाद सतना जिले के सांसद एवं राज्य मंत्री जो कि सतना के ही रैगांव से विधायक हैं इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं।

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