Advertisement Carousel
Blog

गाँव से वैश्विक पहचान तक: डॉ. विवेक राठौर की पीएचडी ने राठौर समाज में रचा नया अध्याय

Ad

Advertisements

गाँव से वैश्विक पहचान तक: डॉ. विवेक राठौर की पीएचडी ने राठौर समाज में रचा नया अध्याय
संस्कृत की साधना रंग लाई: डॉ. विवेक राठौर की पीएचडी से गांव-गांव में खुशी की लहर

Advertisements

ग्राम पुटपुरा के गौरव बने डॉ. विवेक राठौर, संस्कृत विषय में पीएचडी कर रचा इतिहास

Advertisements

जांजगीर-चांपा जिले ग्राम पुटपुरा के लिए यह अत्यंत गर्व, हर्ष और सम्मान का विषय है कि राठौर समाज के होनहार पुत्र डॉ. विवेक राठौर ने संस्कृत विषय में पीएचडी (विद्या वारिधि) की उपाधि प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे ग्राम, क्षेत्र और समाज का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की गाइडलाइन के अनुसार संपूर्ण ब्रह्मांड में संस्कृत विषय में पीएचडी करने वाले वे पहले राठौर माने जा रहे हैं।
डॉ. विवेक राठौर की यह सफलता वर्षों की कठिन तपस्या, सतत अध्ययन, अनुशासन और अटूट संकल्प का परिणाम है। संस्कृत जैसी प्राचीन, गंभीर और बौद्धिक विषय-वस्तु में शोध कर पीएचडी की उपाधि प्राप्त करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो, तो सीमित संसाधनों के बीच भी असंभव को संभव बनाया जा सकता है।
डॉ. विवेक राठौर ने अपने शोध कार्य के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक संस्कृति और संस्कृत साहित्य की समृद्ध विरासत को अकादमिक मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत किया है। उनका यह शोध न केवल शैक्षणिक जगत के लिए उपयोगी सिद्ध होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को संस्कृत भाषा और भारतीय दर्शन के प्रति प्रेरित भी करेगा।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ग्राम पुटपुरा में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाइयों का तांता लगाते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह उपलब्धि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो यह दर्शाती है कि गाँव से निकलकर भी वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।


डॉ. विवेक राठौर के बड़े भाई सहित परिवार के सभी सदस्यों ने उनकी सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। परिवार ने बताया कि बचपन से ही विवेक की रुचि अध्ययन, संस्कृत भाषा और भारतीय शास्त्रों में रही है, जिसे उन्होंने अथक परिश्रम के बल पर साकार किया।

इसमें विभाग अध्यक्ष डॉक्टर वेद प्रकाश मिश्रा वैवा एक्सपर्ट डॉ राघवेंद्र शर्मा के आशीर्वाद से प्राप्त हुआ


यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि डॉ. विवेक राठौर ने संस्कृत विषय में पीएचडी कर ग्राम पुटपुरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उनकी सफलता आने वाले समय में शिक्षा, शोध और संस्कृति के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगी।
अंत में, ग्राम पुटपुरा की ओर से डॉ. विवेक राठौर को हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएं एवं अभिनंदन। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे ज्ञान, शोध और सेवा के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहें और देश व समाज को अपनी विद्वत्ता से गौरवान्वित करते रहें।

Ad जय मेडिकल स्टोर स्थान: भारत माता चौक बिलासपुर रोड सारंगढ़
First Chhattisgarh News Ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button