Advertisement Carousel
देश

‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दिखाया भारत का राम-राज्य स्वरूप, मर्यादा और शक्ति का संतुलन: राजनाथ सिंह

Ad

अयोध्या
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि श्रीराम की मर्यादा हमें सिखाती है कि युद्ध में भी मूल्य जीवित रहने चाहिए। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भी सिद्ध किया कि आधुनिक भारत राम की उस मर्यादा का सच्चा उत्तराधिकारी है। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ बुधवार को श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने भी भगवान श्रीराम के इसी मर्यादा का पालन किया। जैसे राम का लक्ष्य रावण का संहार नहीं, बल्कि अधर्म का अंत था, हमारा भी वही लक्ष्य था कि हम आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखा कर आएं और हमने बस वही किया। हमने अंधाधुंध प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि सीमित, नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई की। उन्होंने अयोध्या में कहा कि भगवान श्रीराम विनम्र, शीलवान और कृपालु हैं, लेकिन जब अधर्म सिर उठाता है, तब वही राम दुष्ट-दलन की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ‘आजानु भुज… शर चाप धर… संग्राम जित खर-दूषणं’ का उद्धरण देते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मर्यादा के साथ शक्ति का प्रयोग ही धर्म है।
उन्होंने कहा कि श्रीराम हमारी चेतना में बसे हैं; उनकी मर्यादा हमारी पहचान है। वे इतिहास के महान योद्धा थे, पर युद्ध में भी मूल्य और सीमाएं बनाए रखते थे। आधुनिक भारत ने भी वही मार्ग अपनाया है—आतंक के विरुद्ध कठोर, पर निर्दोषों के प्रति संवेदनशील। जैसे राम का उद्देश्य रावण-वध से अधिक अधर्म का अंत था, वैसे ही भारत का लक्ष्य आतंक के तंत्र को तोड़ना है, न कि अनियंत्रित संघर्ष को बढ़ावा देना। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भी सिद्ध किया कि आधुनिक भारत श्रीराम की उस मर्यादा का सच्चा उत्तराधिकारी है।राजनाथ सिंह ने श्रीराम को किसी ग्रंथ या कथा तक सीमित न मानते हुए कहा कि श्रीराम वह चेतना हैं जो मनुष्य को मनुष्य बनाए रखती है। जहां निर्णय कठिन होते हैं, वहां राम आदर्श बनते हैं। जहां शक्ति उन्माद बनने लगती है, वहां राम मर्यादा बनकर उसे रोकते हैं, और जहां अधिकारों की बात होती है, वहां राम कर्तव्य का स्मरण कराते हैं। यही कारण है कि राम सत्य, संयम, संकल्प, सुशासन और संघर्ष का समन्वय हैं।
रक्षा मंत्री ने अयोध्या के विकास पर बोलते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन ने अयोध्या को वैश्विक धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित किया है। सड़कों, आवास, हरित क्षेत्रों, हवाई अड्डे और रेलवे के सुदृढ़ीकरण से अयोध्या एक आधुनिक, सुरक्षित और समृद्ध मॉडल शहर के रूप में उभर रही है। यह विकास केवल अयोध्या का नहीं, बल्कि पूरे भारत के गौरव का प्रतीक है। उन्होंने डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में हो रहे परिवर्तन की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप आस्था, संस्कृति और इतिहास को संजोते हुए विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना का निर्माण हो रहा है।
साथ ही, उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को समाज की चेतना से जन्मा ऐतिहासिक संघर्ष बताया—जो शून्य से नहीं, बल्कि धैर्य, तपस्या और आस्था की सदियों लंबी साधना से आकार लेता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि समय सबका न्याय करता है। जिन्होंने रामकाज और रामराज्य के मार्ग में अवरोध खड़े किए, उनका सत्य आज दुनिया देख रही है। आज अयोध्या की हर गली राममय है—और यह आनंद केवल अयोध्या तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारत और विश्व के उन हृदयों तक है, जो राम को जानते, मानते और जीते हैं। दो वर्ष पूर्व प्रभु श्रीराम का मंदिर में विराजमान होना केवल धार्मिक घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का पुनर्जागरण है, जिसका संदेश है मर्यादा में शक्ति और शक्ति में मर्यादा।

Advertisements
Ad जय मेडिकल स्टोर स्थान: भारत माता चौक बिलासपुर रोड सारंगढ़
First Chhattisgarh News Ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button