Advertisement Carousel
राज्य

मेक इन इंडिया को मिलेगी नई उड़ान, हरियाणा में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब की तैयारी तेज

Ad

चंडीगढ़
हरियाणा केन्द्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तहत निवेश आकर्षित कर प्रदेश को ’इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग’ के एक प्रमुख हब के रूप में विकसित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इस दिशा में राज्य जल्द ही अपनी ईसीएमएस पॉलिसी के तहत नई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करेगा, जिनमें निवेशकों को वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास को गति देने राज्य में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की रणनीतियों की समीक्षा की गई।
नई मसौदा ‘ईसीएमएस पॉलिसी’ के तहत पूंजीगत एवं परिचालन खर्च की प्रतिपूर्ति, ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर व्यय, प्रौद्योगिकी अधिग्रहण, क्षमता निर्माण, अनुसंधान एवं नवाचार सुविधाओं के विकास हेतु समर्थन जैसे अनेक प्रोत्साहन प्रस्तावित हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बड़े निवेश आकर्षित करना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में राज्य की भागीदारी को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि देश में घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन वर्ष 2015 से अब तक 17 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से बढ़ा है, जबकि डिजाइन और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम अभी विकास के शुरुआती चरण में है।
वर्तमान में हरियाणा देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में लगभग 2.9 प्रतिशत (0.8 बिलियन यूएसडी) का योगदान दे रहा है और इस क्षेत्र में लगभग 1.3 मिलियन रोजगार का सहयोग करता है। रस्तोगी ने कहा कि लक्षित नीतिगत सहयोग, रणनीतिक निवेशक सहभागिता और आईएमटी सोहना में प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसे सक्षम बुनियादी ढांचे के निर्माण से राज्य के योगदान को बढ़ाने की अपार सम्भावनाएं हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र सरकार की ’ईसीएमएस योजना’ के अंतर्गत कई तरह के लाभ दिए जाते हैं। इनमें 1 से 25 प्रतिशत तक टर्नओवर-लिंक्ड और पूंजी निवेश आधारित लाभ शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे प्रगतिशील राज्यों की तर्ज पर हरियाणा ’अतिरिक्त टॉप-अप इंसेंटिव देने की संभावनाएं तलाश रहा है, ताकि ईसीएमएस-अनुमोदित निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और मजबूत हो सके।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को इस संबंध में विस्तृत योजना तैयार करने और तत्परता से निवेशकों से संपर्क साधने के निर्देश दिए। इसके तहत 10 नवंबर तक उन 11 आवेदकों के साथ द्विपक्षीय बैठकें की जाएंगी, जिन्होंने प्रदेश में ईसीएमएस-अनुमोदित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने में रुचि दिखाई है। इसके अतिरिक्त, 50 अन्य कंपनियों से भी संपर्क किया जाएगा, जिन्होंने अभी तक अपनी परियोजना का स्थान निर्धारित नहीं किया है।
बेहतर समन्वय और निवेशक सुविधा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रत्येक संभावित निवेशक के लिए समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर नियुक्त करेगी। ये अधिकारी भूमि की पहचान, नियामक स्वीकृतियांे, विभागीय समन्वय और इंसेंटिव प्रक्रिया से जुड़ी सहायता प्रदान करेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि हरियाणा का दृष्टिकोण सुविधाजनक एवं प्रतिस्पर्धात्मक, दोनों तरह का होगा ताकि राज्य में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की स्थापना के लिए अनुकूल इकोसिस्टम विकसित हो सके। बैठक में नागरिक संसाधन सूचना विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

Advertisements
Ad जय मेडिकल स्टोर स्थान: भारत माता चौक बिलासपुर रोड सारंगढ़
First Chhattisgarh News Ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button