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धोखे से कोटवार को दिलवाया गया इस्तीफा, मामला पहुंचा कलेक्टर दफ्तर

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सारंगढ़-बिलाईगढ़।
गैर-वंशज कोटवार नियुक्ति का मामला एक बार फिर गरमा गया है। कोटवार संघ और परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पूरा मामला कोसीर भाटागांव का है, जहां पूर्व कोटवार स्व. अमरदास पिता मकुंद दास के परिजनों ने तहसीलदार पर धोखे से इस्तीफा दिलवाने का आरोप लगाया है।

मिली जानकारी के अनुसार, कोसीर के पूर्व कोटवार स्व. अमरदास लगभग तीन माह पूर्व—जून 2025 में लकवाग्रस्त हो गए थे। परिजनों का आरोप है कि उस दौरान तहसीलदार ने उनसे कहा कि—
“इस्तीफा करवा दीजिए, उनके बड़े बेटे को कोटवार पद पर नियुक्त कर दिया जाएगा।”

इसी भरोसे पर अमरदास ने अपने बड़े पुत्र मिश्वरी दास के माध्यम से कोटवार पद हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।

इसके बाद तहसीलदार कार्यालय द्वारा रिक्त पद पर नई नियुक्ति के लिए इश्तिहार जारी किया गया, जिसमें गांव के करीब 23 लोगों ने आवेदन किया। पूरे प्रक्रिया के दौरान पूर्व कोटवार के बेटे को यह आश्वासन दिया जाता रहा कि नियुक्ति आदेश उसी के नाम से जारी होगा।

लेकिन परिजनों के अनुसार अंतिम क्षणों में आश्वासन के विपरीत किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति कर दी गई।

परिजन और कोटवार संघ ने इस नियुक्ति को अन्यायपूर्ण बताते हुए तहसीलदार से कई बार निवेदन किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। जिसके बाद आक्रोशित परिजन और कोटवार संघ शुक्रवार को कलेक्टर दफ्तर पहुंचे।

कलेक्टर से की गई शिकायत में परिजनों ने मांग की है कि—

नवनियुक्त कोटवार की नियुक्ति तत्काल निरस्त की जाए,

पूर्व कोटवार अमरदास के पुत्र मिश्वरी दास को नियम अनुसार पद पर नियुक्त किया जाए।

परिजनों का कहना है कि धोखे से इस्तीफा दिलवाकर उनके साथ अन्याय किया गया है। अब वे प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन की ओर से इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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