Advertisement Carousel
छत्तीसगढ़

दिशा मैदान गई महिला पर जंगली सूअर का जानलेवा हमला — चेहरे पर गंभीर चोटें, अस्पताल में भर्ती

Ad

आज की बड़ी खबर पामगढ़ क्षेत्र के डोंगाकोहरौद गांव से है, जहां मंगलवार सुबह एक महिला पर जंगली सूअर ने जानलेवा हमला कर दिया। यह हमला इतना अचानक और खतरनाक था कि महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं।

Advertisements
Advertisements

ठंड का मौसम शुरू होते ही जंगली सूअरों की गतिविधि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ने लगती है, लेकिन इस तरह खुले में किसी पर हमला कर देना चिंता का बड़ा विषय है। प्रशासन और वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर इलाके में गश्त बढ़ा दी है, मगर घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत साफ दिखाई दे रही है।

Advertisements

डोंगाकोहरौद की यह घटना मंगलवार सुबह लगभग 5:30 बजे की है। गांव की रहने वाली कमला बाई रोज़ की तरह दिशा मैदान के लिए घर से निकली थीं। ठंड के कारण सूरज निकलने में देर होती है और गांव के इस हिस्से में उस समय गहरा अंधेरा था।

जैसे ही कमला बाई नहर किनारे मरघट्टी के पास पहुंचीं, झाड़ियों से अचानक एक जंगली सूअर निकला और बिना किसी चेतावनी के उन पर हमला कर दिया।

कमला बाई पर सूअर के दांत और पंजों से कई वार हुए। चेहरे और नाक के हिस्से में गहरी चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ीं। आसपास कोई नहीं था, इसलिए उनकी चीखें कुछ देर बाद दूर से गुजर रहे ग्रामीणों ने सुनीं।

स्थानीय लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद महिला को पामगढ़ स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि चेहरे पर कई कटे और फटे घाव हैं, लेकिन बड़ा सौभाग्य है कि आंख और गले के हिस्से में गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा।

इलाज के कुछ घंटे बाद महिला की हालत स्थिर हो गई। उपचार पूरा होने पर डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया, लेकिन अभी कुछ दिनों तक मेडिकल केयर की आवश्यकता है।

“सुबह मां दिशा मैदान गई थीं, तभी सूअर ने अचानक हमला कर दिया। हम लोग आवाज सुनकर पहुंचे तो मां खून से लथपथ थीं… अगर कुछ मिनट देर होती, तो कुछ भी हो सकता था।”

घटना की जानकारी मिलते ही पामगढ़ थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आसपास के इलाके का निरीक्षण किया और लोगों से बात की।

वन विभाग ने बताया कि ठंड और फसल कटाई के समय जंगली सूअर भोजन की तलाश में गांवों की ओर आ जाते हैं। ऐसे में सुबह और शाम के समय इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि सूर्योदय से पहले और अंधेरा होने के बाद अकेले बाहर न निकलें। साथ ही गांव के संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई जा रही है।

महिला की हालत को देखते हुए वन विभाग ने कमला बाई को तत्काल राहत के रूप में 3000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। इसके अलावा विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आगे मुआवजा प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि घटना की जांच जारी है और वन विभाग के साथ मिलकर क्षेत्र में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

घटना के बाद डोंगाकोहरौद और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से जंगली सूअरों की आवाजाही बढ़ गई है।

किसानों का दावा है कि फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है और कई जगह बच्चों व बुजुर्गों को लेकर लोग काफी डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।

“सुबह-सुबह अकेले जाना बहुत खतरे का काम हो गया है। कई दिनों से सूअर दिख रहे हैं… आज हमला भी हो गया।”

वन विभाग के अनुसार, यदि जंगल से लगे इलाकों में रहना हो तो कुछ सावधानियाँ बेहद जरूरी हैं—

सुबह सूर्योदय के बाद ही बाहर निकलें

झाड़ियों के पास बेचैन आवाजें सुनाई दें तो तुरंत दूर हटें

मोबाइल की टॉर्च या छोटी सी बैटरी लाइट जरूर साथ रखें

समूह में चलें, अकेले न जाएं

पशुओं के चारे को खुले में न फैलाएं

ये छोटे उपाय एक बड़े हादसे को रोक सकते हैं।

डोंगाकोहरौद की ये घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि जंगल और आबादी की दूरी कम होने से मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है।

कमला बाई की जान बच गई, लेकिन अगर ग्रामीण सावधान न हों तो ऐसी घटनाएं गंभीर रूप ले सकती हैं। वन विभाग और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।

फिलहाल हमारी नज़र इस मामले पर बनी हुई है…

Ad जय मेडिकल स्टोर स्थान: भारत माता चौक बिलासपुर रोड सारंगढ़
First Chhattisgarh News Ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button