गरियाबंदछत्तीसगढ़

वन माफिया बनें वन विभाग के जमाई, इमारती लकड़ियों कि लगातर कर रहें हैं कटाई

गरियाबंद से विपिन कुमार सोनवानी जिला ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट

वन विभाग का स्मृति वन नहीं बच पा रहा हैं अवैध कटाई से…

देवभोग न्यूज.. जंगल और पर्यावरण को बचाने के लिए केन्द्र और राज्य कि और से बातें तो बहुत कि जाति हैं। पर इन नाकाफी कोशिशें कि जमीनी हकीकत कुछ और हैं। यहां तक कि वन विभाग का स्मृति वन भी अवैध कटाई से नहीं बच पा रहा हैं।

Advertisements
Advertisements

इंदागांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले छैला, खरीपथरा और ऋषिझरन के जंगलों में इमारती लकड़ी कि जमकर कटाई  कि जा रहीं हैं। जिस पर विभाग का कोई ध्यान नहीं हैं। यहां तक कि इंदागांव वन परिक्षेत्र के रेंजर से लेकर बिट गार्ड भी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम हैं। विभाग कि निष्क्रियता का आलम यह हैं कि जंगल कि निगरानी के लिए वन विभाग के द्वारा तैनात किए रेंजर से लेकर सभी कर्मचारी को इसकी जानकारी होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रहीं हैं घने जंगलों में अवैध कटाई का सिलसिला जोरों से है।

Advertisements

रेंजर और निचले अधिकारियों पर सवाल.. वनों कि सुरक्षा को लेकर तैनात रेंजर से लेकर निचले स्तर के कर्मचारियों पर अब सवाल खड़े हो रहें हैं कहीं कमिशन का खेल तो नहीं जिसके चलते यहां के जंगलों में इमारती लकड़ी का कटाई जोरों से हो रही हैं। जिसके चलते यहां के अधिकारी अपने जेब भरने में जंगलों को नस्ट कर रहें हैं।

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना में लाखों का घोटाला… आर टी आई से मिली जानकारी के अनुसार 2023/24 में ऋषिझरन , खरीपथरा और छैला के जंगलों में मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना अंतर्गत 03 लाख 15 हजार रूपए कि राशी का करीब 27450 हैक्टर कृषि भूमि में वृक्षारोपण का कार्य करना था जिसमें  निलगिरी, सागौन,साल और बांस का रोपण करना करना था लेकिन विभाग के द्वारा वृक्षा रोपण के नाम पर सरकारी पैसों का दुरपयोग कर अपने जेब भर लिए। अगर धरातल में देखा जाए तो  इन जंगलों में पेड़ दूर दूर तक नजर नहीं आ रहा हैं। वृक्षा रोपण के नाम पर सरकारी पैसों का यहां के अधिकारी जमकर बंदरबाट किए हैं। यहां तीन लाख रुपए का वृक्षा रोपण के नाम पर राशी तो निकाल लिए लेकिन वृक्षा रोपण न कर उस राशी को अपने जेब भर लिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button