चार नाबालिगों को भी अभिरक्षा में लिया, तलवार और लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद
बगीचा। जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र के महादेवडांड़ में खेत की गिरदावरी का कार्य कर रहे एक युवक को तलवार दिखाकर रुपए मांगने और उसकी मोटरसाइकिल लूटने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार विधि से संघर्षरत बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई तलवार और लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार, पकरीकछार निवासी 33 वर्षीय संतोष कुमार पिछले करीब दो वर्षों से बासेन और महादेवडांड़ क्षेत्र में खेत-जमीन की गिरदावरी का कार्य कर रहे हैं। 15 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे वह कुरोंग पंचायत के किसानपारा स्थित सीसी रोड के पास खेत में गिरदावरी कर रहे थे। इसी दौरान डोन तिर्की और अमीर कुमार खाखा उर्फ पठिया वहां पहुंचे। डोन तिर्की के हाथ में तलवार थी। दोनों ने संतोष से गांव में आने का कारण पूछा और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए उसे डराने-धमकाने लगे।
आरोप है कि इसके बाद तलवार दिखाकर संतोष से रुपए की मांग की गई। रुपए नहीं होने की बात कहने पर उनके अन्य साथी भी मौके पर पहुंच गए। आरोपियों ने संतोष की मोटरसाइकिल क्रमांक CG 15 E 2606 अपने कब्जे में ले ली और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान तलवार लेकर हमले के लिए दौड़ाए जाने पर संतोष वहां से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।
घटना के बाद 16 अक्टूबर को संतोष ने बगीचा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 275/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 310(2) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने डोन तिर्की और अमीर कुमार खाखा उर्फ पठिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अन्य आरोपी आयुष कुजूर और चार विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता सामने आई। सभी संदिग्धों को हिरासत में लेकर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पहचान की कार्रवाई कराई गई, जहां प्रार्थी ने आरोपियों की पहचान की।
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त तलवार और लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद डोन तिर्की, अमीर कुमार खाखा उर्फ पठिया और आयुष कुजूर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। वहीं चार विधि से संघर्षरत बालकों को नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया।
कार्रवाई में पीएसआई संतोष वर्मा, सहायक उप निरीक्षक अनिल कामरे, नरेश मिंज, प्रधान आरक्षक लक्ष्मण सिंह, आरक्षक अशोक मिंज, महिला आरक्षक पूना मणि और नगर सैनिक बलिराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।